अलंकार

अलंकार अलंकार – ” काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व अलंकार कहे जाते हैं ! “ अलंकार के तीन भेद हैं – 1. शब्दालंकार – ये शब्द पर आधारित होते हैं ! प्रमुख शब्दालंकार हैं – अनुप्रास , यमक , Read More …

संधि

संधि (Sandhi) – का अर्थ होता है- मेल जैसे- भाव + अर्थ= भावार्थ देव + आलय = देवालय – दो वर्णों के मेल से जो परिवर्तन होता है, उसे संधि कहते हैं। संधि-विच्छेद – विच्छेद का अर्थ है- ” अलग Read More …

वर्ण विचार

  वर्ण विचार वर्ण विचार के अंतर्गत हम वर्ण, वर्णमाला, स्वर –स्वर  के भेद, व्यंजन – व्यंजन के भेद, अयोगवाह – अयोगवाह के भेद, अनुस्वार और अनुनासिक में अंतर और उच्चारण के आधार पर व्यंजनों का वर्गीकरण के बारे में Read More …

समास

समास परिभाषा : `समास’ शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है छोटा – रूप । अतः जब दो या दो से अधिक शब्द (पद) अपने बीच की विभक्तियों का लोप कर जो छोटा रूप बनाते हैं उसे समास , सामासिक शब्द Read More …

Adolf hitler

एडोल्फ हिटलर (20 April 1889 – 30 April 1945) एक जर्मन शासक थे। वे “राष्ट्रीय समाजवादी जर्मन कामगार पार्टी” (NSDAP) के नेता थे। इस पार्टी को प्राय: “नाजी पार्टी” के नाम से जाना जाता है। सन् १९३३ से सन् १९४५ Read More …

महाराणा प्रताप सिंह

महाराणा प्रताप सिंह महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया ( ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया रविवार विक्रम संवत १५९७ तदनुसार ९ मई १५४०–१९ जनवरी १५९७) उदयपुर, मेवाड में सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा थे। उनका नाम इतिहास में वीरता और दृढ प्रण के लिये Read More …

Rana amar singh ji

RANA AMAR SINGH राणा अमर सिंह (1597 – 1620 ई० ) मेवाड़ के शिशोदिया राजवंश के शासक थे। वे महाराणा प्रताप के पुत्र तथा महाराणा उदयसिंह के पौत्र थे।[1] अमर सिंह प्रथम 13वें मेवाड़ के महाराणा शासनावधि 23 जनवरी 1597 Read More …